वैसे तो बहुत लोग मिलेंगे जो यह बताने के लिए उनसे ज़्यादा कोई और नही है, जो आपको समझ सकता है!
ऐसे ही एक है हमारे मित्र जो बहुत ही नर्म दिल के इंसान है, जी हाँ, नर्म दिल.....
मिजाज़ नर्म नहीं है, या हो सकता हो मैंने देखा नहीं हो!
मोहल्ले के लोग उन्हे कल्लन ही बुलाते है.
कोई ऐसी जगह नहीं है जहां चचा गए ना हो,
और घटना से रूबरू ना हुये हो!.
हर घटना कुछ ना कुछ सिखा देती है चचा को,
इनके विचार और घटनाएं तो आपस में मेल भी नहीं खाते है!